जीवन में जब भी बोलो मीठा बोलों
कहते है -
*शब्दों के दांत नहीं होते है*
*लेकिन शब्द जब काटते है*
*तो दर्द बहुत होता है और कभी-कभी*
*घाव इतने गहरे हो जाते है कि*
*जीवन समाप्त हो जाता है*
*परन्तु घाव नहीं भरते !!*
*इसलिए जीवन में जब भी बोलो मीठा बोलों*
*एक 'शब्द' औषधि करे,*
*और एक 'शब्द' करे 'सौ' 'घाव',,,!*
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
Comments
Post a Comment